जानें कौन थीं जरीना हाशमी?

हाशमी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने आकर्षक वुडकट्स और इंटैग्लियो प्रिंट के लिए जानी जाती हैं.  

पार्टिशियन के समय दुखद तरीके से पाकिस्तान में कराची जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था

जरीना को विशेष रूप सेआधुनिकतावाद और अमूर्तता जैसे कला आंदोलनों के रूप में पहचाना जाता है.

जरीन हाशमी का जन्म आज ही के दिन 1937 में अलीगढ़ में हुआ था. 

वह और उनके चार भाई-बहन 1947 में भारत के विभाजन तक एक सुखद जीवन जी रहे थे.  

जरीना के परिवार को पार्टिशियन के समय दुखद तरीके से पाकिस्तान में कराची जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था. 

जरीना हाशमी ने 21 साल की उम्र एक युवा विदेश सेवा राजनयिक से शादी की और दुनिया की यात्रा शुरू कर दी. 

उन्होंने बैंकॉक, पेरिस और जापान में समय बिताया

जहां वह प्रिंटमेकिंग और आधुनिकतावाद और अमूर्तता जैसे कला आंदोलनों में शामिल हुई थीं

जरीना हाशमी 1977 में न्यूयॉर्क शहर चली गई, जहां उन्होंने नारीवादी आंदोलन में हुईं शामिल 

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